चलना होगा बदलना होगा
सरकार भी खूब आती है यहाँ
वंशवाद पूंजीवाद समाजवाद
और जातिवाद और धर्मवाद की खिचड़ी है यहाँ
फिर भी अच्छे दिन वाले लोग है यहाँ
जो गीत विकास के गाते है
शब्दो मे राम राज लाते है
इनके परितिद्वंदी भी खूब है
जिनके घोटालो की भी धूम है
पर मनी इन सभके पास खूब है
कोई ब्लैक कोई व्हाइट पाता है
कोई वापस लाने की बात पे आता है
पर सच तो यह है की
हर कोई दिल से उसे चाहता है
जिस देश मे लोग दिल से कंगाल है
कोई धरने पे कोई अनशन पे डटे हाल है
पर इनमे कोई हल न चलता होगा
मवेसिओ को न चराता होगा
बिना रिज़र्वेशन के न जाता होता
अपनी सैलरी से न भूखों को खिलाता होगा
इस देश कौन चलाएगा
क्या कम्प्युटर फोन से पेट भरा जायेगा
क्या विदेशी यहाँ आ सभकुछ लायेगे
क्या मुआवजों और कर्ज माफी से विकास आयेगा
यहाँ सिचाई और आत्मनिर्भरता कौन लायेगा
क्या विदेशी एफ़डीआई से ही देश सरकार चलायेगा
मै कहता हुँ अब भी मोका है उठ खड़े हो
स्वदेशी बनो गाँधी सा गाँधी हो
मेक इन इण्डिया ही नहीं मेड इन इण्डिया हो
अपनी ब्रांड खुद और बड़ी को
जहाँ वैश्विक मन्दी से न अपना बुरा हाल हो
जहाँ तीसरे विश्वयुद्ध मे न अपनी बात हो
जहाँ मैक्सिमम यूटीलीजाइजेशन ऑफ अवाईलेबल रीसौरस हो
कम से कम थोड़ा तो अनदाता का विकास हो
क्यूँ न राजस्थान मे कई दुबई हो
साथ मिलकर चलना होगा
हाथ मिलाकर चलना होगा
धरम मिलाकर चलना होगा
करम मिलाकर चलना होगा
सबको थोड़ा बदलना होगा
अपनों के साथ लेकर चलना होगा
पॉलिटिशन नहीं सोच बदलकर चलना होगा
देश मिलाकर चलना होगा
वंशवाद पूंजीवाद समाजवाद
और जातिवाद और धर्मवाद की खिचड़ी है यहाँ
फिर भी अच्छे दिन वाले लोग है यहाँ
जो गीत विकास के गाते है
शब्दो मे राम राज लाते है
इनके परितिद्वंदी भी खूब है
जिनके घोटालो की भी धूम है
पर मनी इन सभके पास खूब है
कोई ब्लैक कोई व्हाइट पाता है
कोई वापस लाने की बात पे आता है
पर सच तो यह है की
हर कोई दिल से उसे चाहता है
जिस देश मे लोग दिल से कंगाल है
कोई धरने पे कोई अनशन पे डटे हाल है
पर इनमे कोई हल न चलता होगा
मवेसिओ को न चराता होगा
बिना रिज़र्वेशन के न जाता होता
अपनी सैलरी से न भूखों को खिलाता होगा
इस देश कौन चलाएगा
क्या कम्प्युटर फोन से पेट भरा जायेगा
क्या विदेशी यहाँ आ सभकुछ लायेगे
क्या मुआवजों और कर्ज माफी से विकास आयेगा
यहाँ सिचाई और आत्मनिर्भरता कौन लायेगा
क्या विदेशी एफ़डीआई से ही देश सरकार चलायेगा
मै कहता हुँ अब भी मोका है उठ खड़े हो
स्वदेशी बनो गाँधी सा गाँधी हो
मेक इन इण्डिया ही नहीं मेड इन इण्डिया हो
अपनी ब्रांड खुद और बड़ी को
जहाँ वैश्विक मन्दी से न अपना बुरा हाल हो
जहाँ तीसरे विश्वयुद्ध मे न अपनी बात हो
जहाँ मैक्सिमम यूटीलीजाइजेशन ऑफ अवाईलेबल रीसौरस हो
कम से कम थोड़ा तो अनदाता का विकास हो
क्यूँ न राजस्थान मे कई दुबई हो
साथ मिलकर चलना होगा
हाथ मिलाकर चलना होगा
धरम मिलाकर चलना होगा
करम मिलाकर चलना होगा
सबको थोड़ा बदलना होगा
अपनों के साथ लेकर चलना होगा
पॉलिटिशन नहीं सोच बदलकर चलना होगा
देश मिलाकर चलना होगा